ब्रोकरों के संगठन ने इक्विटी निवेश बढ़ाने को कदम उठाने की मांग की

ब्रोकरों के संगठन ने इक्विटी निवेश बढ़ाने को कदम उठाने की मांग की

नई दिल्ली। शेयर ब्रोकरों के एक संघ ने सरकार से इक्विटी निवेश को अधिक आकर्षक बनाने के लिए कदम उठाने की मांग की है। इसके तहत उसने लेनदेन शुल्क को कम करने और दीर्घावधि पूंजीगत लाभ कर को खत्म करने जैसे कदम सुझाए हैं। एसोसिएशन आफ नेशनल एक्सचेंजेज मेंबर्स आफ इंडिया (एएनएमआई) ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आयोजित वित्तीय क्षेत्र के प्रतिनिधियों की बैठक में इस मुद्दे को उठाया। संघ ने कहा,जुलाई में बाजारों में भारी गिरावट के बाद धारणा पूरी तरह नकारात्मक हो गयी। इस कारण निवेशकों एवं खासकर भारतीय निवेशकों की धारणा को मजबूती देने के लिए तत्काल कदम उठाये जाने की जरूरत है। दीर्घावधि पूंजीगत लाभ कर और भारतीय निवेशकों के लिए लाभांश पर कर को वापस लिया जाना चाहिए। उसने कहा है हमारा मानना है कि इक्विटी निवेश को बढ़ावा दिये जाने की जरूरत है। संभव है कि हम अगले बजट तक किसी तरह के राजकोषीय प्रोत्साहन देने की स्थिति में न हों। हालांकि, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक फिलहाल उचित छूट देकर खुदरा निवेशकों के जरिए धन राशि जुटा सकते हैं क्योंकि इन बैंकों को पुन:पूंजीकरण के लिए इक्विटी फंड की जरूरत है। संघ की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि एएनएमआई ने बैठक के दौरान भारतीय शेयर बाजारों में लेनदेन शुल्क का मुद्दा उठाया।