भाजपा को 15 दिसंबर तक मिलेगा नया अध्यक्ष

भाजपा को 15 दिसंबर तक मिलेगा नया अध्यक्ष

भोपाल ।  सदस्यता अभियान के बीच भाजपा ने प्रदेश में संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया की तारीख की घोषणा मंगलवार को कर दी है। बूथ स्तर पर एक सितंबर से चुनावी प्रक्रिया शुरू होगी। मध्यप्रदेश भाजपा को अपना नया अध्यक्ष एक से 15 दिसंबर के बीच मिल जाएगा। इधर, प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह और सुहास भगत ने मंगलवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में भोपाल और नर्मदापुरम् संभाग के सदस्यता अभियान की संयुक्त समीक्षा की। इस दौरान सदस्यता अभियान के राष्ट्रीय प्रभारी व पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मौजूद थे। भगत ने पदाधिकारियों को फटकार लगाई कि सदस्य तो बना लिए गए हैं, लेकिन इसकी सूची पार्टी की वेबसाइट पर अपलोड नहीं की गई। प्रदेश में तीस लाख सदस्य बनाए गए हैं, लेकिन अब तक केवल डेढ़ लाख सदस्यों के नाम ही अपलोड किए गए हैं। इधर, भाजपा के केंद्रीय चुनाव अधिकारी राधामोहन सिंह ने प्रदेश में संगठनात्मक चुनाव का कार्यक्रम जारी किया है। सदस्यता अभियान भी 11 अगस्त से बढ़ाकर 30 अगस्त किया गया है। कार्यक्रम के मुताबिक 11 अगस्त से 30 अगस्त तक सक्रिय सदस्यता पंजीकरण अभियान चलाया जाएगा। 11 सितंबर से 20 सितंबर तक बूथ अध्यक्ष तथा बूथ समितियों के चुनाव होंगे। 11 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक मंडल अध्यक्ष का चुनाव मंडल स्तर पर समितियों का गठन होगा। 11 नवंबर से 30 नवंबर तक जिलाध्यक्ष तथा राष्ट्रीय परिषद सदस्यों का चुनाव होगा। इसी तरह एक दिसंबर से लेकर 15 दिसंबर तक प्रदेशाध्यक्ष तथा राष्ट्रीय परिषद सदस्यों को चुना जाएगा। हर चरण के बीच 10 दिन का अंतराल शिकायत निवारण तथा अगले चरण की तैयारियों के लिए रखा गया है। केंद्रीय चुनाव अधिकारी ने समय सीमा का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। मालूम हो कि प्रदेश में चुनावी प्रक्रिया की तैयारियां शुरू हो गई है। प्रदेश कोषाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को प्रदेश चुनाव अधिकारी और प्रदेश उपाध्यक्ष विजेश लूनावत को सहप्रभारी बनाया गया है। उन्होंने बैठकों का सिलसिला शुरू कर दिया है।

प्रदेशाध्यक्ष विधायकों से हुए वन टू वन

एक घटनाक्रम के तहत दो विधायक कांग्रेस के खेमे में जाने के बाद भाजपा के प्रदेश नेतृत्व ने अपने विधायकों की सुध ली है। प्रदेशाध्यक्ष रा्रेश सिंह ने मंगलवार को सदस्यता अभियान की समीक्षा के बाद भोपाल और नर्मदापुरम् संभाग के विधायकों से अलग से वन टू वन चर्चा की। इस दौरान उन्होंने अपने विधायकों की समस्याएं सुनी और उन्हें भरोसा दिलाया। मालूम हो कि कांगे्रस के खेमे में जाने वाले दो विधायकों ने आरोप लगाया था कि प्रदेश नेतृत्व उनकी नहीं सुनता है।