रक्षाबंधन पर्व पर भद्रा का साया नहीं, दिनभर रक्षासूत्र बांध सकेेंगी बहनें

रक्षाबंधन पर्व पर भद्रा का साया नहीं, दिनभर रक्षासूत्र बांध सकेेंगी बहनें

भोपाल। रक्षाबंधन पर्व इस साल 15 अगस्त को है। स्वतंत्रता दिवस के साथ भाई- बहन के स्नेह का पर्व मनाया जाएगा। ज्योतिषियों के अनुसार इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा नहीं है। इसलिए पूरा दिन राखी बांधने के लिए शुभ रहेगा। श्रवण नक्षत्र में दिन की शुरुआत होगी, जो 8.30 बजे तक रहेगा। इसके बाद घनिष्ठा नक्षत्र है। सुबह 11 बजे तक सौभाग्य योग और इसके बाद शोभन योग में रक्षाबंधन मनेगा। कहा जाता है कि भद्रा में बहनें अपने भाइयों को राखी नहीं बांधती हैं। मान्यता है कि रावण की बहन ने भद्रा में ही उसे रक्षा सूत्र बांधा, जिससे विनाश हो गया। लेकिन इस बार राखी बांधने का मुहूर्त काफी अच्छा है। बहनें सूर्यास्त से पहले तक भाइयों को राखी बांध सकती हैं।

सूर्योदय के पहले ही समाप्त हो जाएगी भद्रा

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार भद्रा सूर्योदय के पहले ही समाप्त हो जाएगी। श्रवण नक्षत्र, स्वामी चंद्र, योग सौभाग्य करण वणिज, राशि मकर, स्वामी शनि है। इन सभी योगों को मिला कर पूरा दिन रक्षाबंधन के लिए शुभ है। बहनें शुभ मुहूर्त में राखी बांध सकेंगी।

ब्राह्मण उपाकर्म के साथ लवकुश जयंती भी मनेगी

श्रावण शुक्ल पक्ष पूर्णिमा पर गुरुवार को राखी बंधेगी। ज्योतिषाचार्य पं. रामजीवन दुबे के अनुसार श्रावण पूर्णिमा के दिन की शुरुआत श्रवण नक्षत्र में, इसके बाद धनिष्ठा नक्षत्र रहेगा। सौभाग्य और शोभन योग के कारण भी पर्व खास संयोग ला रहा है। यजुर्वेदीय ब्राह्मणों का उपाकर्म भी होगा। गायत्री, लव-कुश जयंती भी है। भद्रा नहीं होने से रक्षाबंधन के लिए पूरा दिन शुभ है।