जैसे-तैसे मदनमहल के विस्थापितों को मिली जमीन तो अब 2.5 लाख रुपए की पहली किश्त को तरस रहे

जैसे-तैसे मदनमहल के विस्थापितों को मिली जमीन तो अब 2.5 लाख रुपए की पहली किश्त को तरस रहे

जबलपुर । तिलहरी में 62 हितग्राही ऐसे बचे हैं जिनमें से कई अपनी उम्र के आखिरी पायदान पर हैं और उन्हें मकान बनाने के लिए मिलने वाली पीएम आवास योजना की पहली किश्त तक नहीं मिली है। वहीं यहां के 843 हितग्राहियों को पहली किश्त जारी हुई,और इनमें से भी 278 लोगों को दूसरी किश्त भी जारी हो चुकी है,मगर आज भी ढाई सौ परिवार ऐसे हैं जिन्हें न तो पहली किश्त मिली है और न ही रहने के लिए प्लाट। मदनमहल पहाड़ी से लगी बस्तियों के करीब 3 हजार मकानों को तोड़ा गया है। इनमें से 12 सौ परिवारों को तिलहरी में बसाने के लिए उन्हें यहां पर जगह दी गई थी। बाद में शासन की पीएम आवास योजना के तहत हर परिवार को ढाई लाख रुपए का अनुदान देने का निर्णय लिया गया। इसके लिए हर हितग्राही को तीन किश्तों में 1,1 लाख और 50 हजार रुपए दिए जाने थे। अब इनमें से 278 परिवारों को तो दो किश्तों के रूप में 2-2 लाख रुपए मिल भी चुके हैं। वहीं 565 परिवारों को पहली किश्त मिल चुकी है। अब ननि प्रशासन का कहना है कि 62 लोगों की लिस्ट तैयार है और उन्हें जल्द ही पहली किश्त दी जाएगी।

सिर्फ 62 परिवारों को गिना जा रहा

तिलहरी पहुंचने वाले 1145 परिवारों की सूची ननि के पास है। इनमें से यदि पहली और दूसरी किश्त पाए 843 परिवारों को घटाया जाए तो भी 302 परिवार होते हैं,मगर ननि केवल 62 परिवारों को ही गिन रहा है। ऐसे में बाकी 240 परिवारों का क्या होगा वे कहां हैं इसकी कोई जानकारी नहीं है। ये जरूर है कि बड़ी संख्या में तिलहरी के विस्थापित पहली किश्त के लिए गुहार लगा रहे हैं।

200 लोगों को पट्टा नहीं मिला

पीएम आवास योजना का लाभ लेने के लिए दी गई भूमि का पट्टा होना अनिवार्य है। यहां के 200 लोगों को पट्टा नहीं मिले हैं। सिद्ध नगर के आसपास से टूटे मकान वालों को आज तक प्लाट का आवंटन ही नहीं हुआ है,और केवल उन्हें पर्ची ही दी गई है। जिन 62 लोगों को ननि जल्द पहली किश्त देने के लिए कह रहा है उनके पट्टे मिल चुके हैं,इनके बैंक खातों में दिक्कत थी या कोई और कमी थी इसे नहीं बताया जा रहा है। 

फैक्ट फाइल

3000 परिवार हुए हैं विस्थापित

1145 परिवारों को तिलहरी में बसाया

843 परिवारों को जारी की गई पहली किश्त

278 परिवारों को मिली दूसरी किश्त

62 परिवारों की सूची तैयार

6 बुजुर्गों की हो चुकी है मौत