तानसेन प्लाजा को मिली पुरातत्व एनओसी की टाइम लिमिट खत्म, निगम देने की तैयारी में

तानसेन प्लाजा को मिली पुरातत्व एनओसी की टाइम लिमिट खत्म, निगम देने की तैयारी में

ग्वालियर। उपनगर ग्वालियर के हजीरा चौराहे पर शराब कारोबारी चिरौंजीलाल शिवहरे द्वारा निर्मााणाधीन बहुप्रतिक्षित तानसेन प्लाजा के लिए पुरातत्व विभाग की एनओसी की टाइम लिमिट पूरी होने के बाद मौके पर कार्य जारी होने का खुलासा हुआ है। अहम बात यह है कि एनओसी की टाइम लिमिट पूरी होने के बाद निगम अधिकारी मिलीभगत कर पुन: भवन निर्माण की अनुमति का एक्सटेंशन देने की तैयारी में है। इसको लेकर लोकायुक्त में भी शिकायत की जाएगी। मोहम्मद गौस का मकबरा के विनियमित क्षेत्र में व्यवसायिक कार्य हेतु प्राचीन संस्मारक व पुरातत्वीय स्थल और अवशेष अधिनियम 1958 के तहत 1 जनवरी 2016 को ग्राम गौसपुरा की सर्वे क्रमांक 129,130,131 मिन 1, 134, 135 मिन 1 और 136 मिन 1 पर शराब कारोबार चिरौजीलाल शिवहरे पुत्र चुन्नीलाल शिवहरे निवासी एम-40 गांधीनगर को एनओसी जारी की गई थी। जिसमें भूतल पर 2368.01 वर्ग मीटर, पहली मंजिल पर 1569.04 वर्ग मीटर, दूसरी मंजिल पर 960.06 वर्ग मीटर, तीसरी मंजिल पर 687.20 वर्ग मीटर की अनुमति मिली थी और निर्माणकर्ता शराब कारोबारी को अनुमति की वैधता 1 वर्ष 9 माह (21 माह) के लिए जारी की गई थी। लेकिन पुरातत्व विभाग की एनओसी की समय सीमा खत्म होने के बाद जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी के चलते मौके पर धड़ाधड़ बिल्डिंग का निर्माण जारी है। जानकारों की मानें तो पूरे मामले में शराब कारोबारी के ऊंचे रसूख के चलते पुरातत्व विभाग के अधिकारी जानकार कार्रवाई नहीं कर पा रहे है।

अनदेखी कर निगम देने की तैयारी में एक्सटेंशन अनुमति

मिलीभगत का आलम पुरातत्व विभाग से शुरू होकर निगम में भी जारी है। यही कारण है कि पुरातत्व विभाग की एनओसी की टाइम लिमिट समाप्त होने की अनदेखी कर निगम भी टाइम लिमिट एक्सटेंशन के लिए आवेदन आने के बाद पुन: अनुमति करने की तैयारी मे हैं। जानकारों की मानें तो इस मामले में निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भवन शाखा से जुड़े अधिकारियों को 24 घंटे में निर्माण एक्सटेंशन करने के निर्देश दिए थे। जिसके पीछे शराब कारोबारी से मोटा लेनदेन होना बताया गया है।