BPCL समेत 5 सरकारी कंपनियों को बेचने की मंजूरी, प्याज इंपोर्ट होगा

BPCL समेत 5 सरकारी कंपनियों को बेचने की मंजूरी, प्याज इंपोर्ट होगा

नई दिल्ली। मोदी कैबिनेट ने बुधवार को भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) समेत 5 सरकारी कंपनियों में विनिवेश को मंजूरी दे दी। विनिवेश के बाद इनका नियंत्रण सरकार के पास नहीं रह जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि कैबिनेट ने बीपीसीएल, शिपिंग कॉरपोरेशन आॅफ इंडिया और कॉनकोर में विनिवेश को मंजूरी दी है। उन्होंने बताया कि नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड की 61.65 फीसदी हिस्सेदारी नहीं बेची जाएगी। इसके साथ ही बीपीसीएल का पूरा मैनेजमेंट कंट्रोल ट्रांसफर होगा। सरकार ने प्याज की कीमतें कम करने के लिए इसके इंपोर्ट को मंजूरी दी है। इसके अलावा कैबिनेट ने दिल्ली की अवैध कॉलोनियों को नियमित करने की मंजूरी दी। 

इन कंपनियों में हिस्सेदारी घटाएगी सरकार

सीतारमण ने कहा कि शिपिंग कार्पोरेशन में सरकार की हिस्सेदारी 63.75% है, जिसका विनिवेश किया जायेगा। कॉनकोर में 54.80% हिस्सेदारी में से 24% हिस्सेदारी सरकार के पास रहेगी लेकिन 30.80% हिस्सेदारी का निवेशक किया जाएगा। नार्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर की शत प्रतिशत हिस्सेदारी और टीएसडीसीआईएल की 74.23% हिस्सेदारी एनटीपीसी खरीदेगी। 

1.2 लाख मीट्रिक टन प्याज होगा आयात

सरकार ने प्याज की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए 1.2 लाख मीट्रिक टन प्याज आयात करने की मंजूरी दी है। इसके लिए प्राइस स्टेबलाइजेशन फंड का इस्तेमाल करने का प्रस्ताव है। बता दें कि प्याज के निर्यात पर रोक के बाद भी अक्टूबर से नवंबर मध्य तक प्याज की कीमतों में जोरदार तेजी आई है। फिलहाल, कई जगह खुदरा बाजार में प्याज 60 रुपए किलो तक बिक रहा है। 

टेलीकॉम कंपनियों को पेमेंट में 2 साल तक राहत

सरकार ने वित्तीय संकट से जूझ रही टेलीकॉम कंपनियों को राहत देते हुए स्पेक्ट्रम किस्त का भुगतान दो साल के लिए टालने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इससे एयरटेल, वोडाफोन आइडिया और जियो को 42,000 करोड़ रुपए की राहत मिलेगी। 

लद्दाख में चिकित्सा संस्थान को मंजूरी

सरकार ने लेह लद्दाख में पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए वहां एक संस्थान की स्थापना को मंजूरी दी है। सीतारमण ने बताया कि लद्दाख में वहां की पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली सोवा रिंग्पा को बढावा देने के लिए 30. 80 करोड़ रुपए की लागत से एक संस्थान बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह संस्थान बनने से स्थानीय लोगों को चिकित्सा सुविधा में मदद मिलेगी। 

NHAI को लंबी अवधि के लिए फंड जुटाने की मंजूरी

कैबिनेट ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी आॅफ इंडिया को फंड जुटाने की मंजूरी दी है। वित्त मंत्री ने कहा कि एनएचएआई टोल प्लाजा पर टोल रिसीप्ट के जरिए पैसा जुटा सकती है।