जार्ज टाउन स्कूल में मल्टी लेवल कॉम्प्लेक्स की स्वीकृति दो साल से भोपाल में अटकी

जार्ज टाउन स्कूल में मल्टी लेवल कॉम्प्लेक्स की स्वीकृति दो साल से भोपाल में अटकी

जबलपुर ।  3 साल पहले स्मार्ट सिटी के गठन के साथ ही शहर में कई भारी-भरकम प्रोजेक्टों की घोषणाएं की गई थीं। इन्हीं में से एक था जार्ज टाउन स्कूल परिसर में मल्टी लेवल कॉम्प्लेक्स का निर्माण। 22 करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट को बाकायदा नगर निगम की सदन से पारित करवाकर इसे राज्य सरकार को स्वीकृति के लिए भेजा गया था जहां वह आज तक अटका पड़ा है। शहर को मल्टीलेवल पार्किंग के साथ ही शहर के बीच में बहुमंजिला व्यवसायिक इमारत की सौगात अब शायद नहीं मिल पाएगी। इसका कारण यह है कि विगत 2 साल पहले शासन को भेजे गए प्रस्ताव को अब तक मंजूरी नहीं मिल पाई है। शासन स्तर पर अब तक इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। लिहाजा यह माना जा रहा है कि शहर को मिलने वाली यह सौगात अब शायद ही मिले। विदित हो कि शहर की पार्किंग व्यवस्था को सुधारने के साथ ही व्यापारियों को दुकानें आवंटित कर एक ही जगह व्यापार संचालित करने के मकसद से नगर निगम ने शहर के हृदय स्थल मालवीय चौक स्थित जार्ज टाउन स्कूल में मल्टीलेवल पार्किंग के साथ ही बहुमंजिला व्यवसायिक इमारत बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया था। सदन की बजट बैठक में प्रस्ताव पारित होने के बाद इसे साल 2016-17 में शासन की मंजूरी के लिए भेजा गया था। 5 हजार वाहन तक पार्किंग की व्यवस्था मालवीय चौक व आसपास रोजाना करीब 5 हजार वाहन खड़े किए जा रहे हैं। जिससे जाम के हालात दिन में कई बार बनते हैं। पार्किंग बनने से सिविक सेंटर,मालवीय चौक, अंजुमन मार्केट, गोलबाजार, सुपरमार्केट आने वाले वाहनों को पार्क करने की सुविधा प्राप्त हो जाती। दुकानों के सामने वाहन खड़े नहीं होते। व्यापारियों को बहुमंजिला इमारत में दुकानें आवंटित की जातीं।

22 करोड़ से पीपीपी मोड पर बनना था

जार्ज टाउन स्कूल को अन्यत्र शिμट कर यहां मल्टीलेवल पार्किंग के साथ 5 मंजिला व्यवसायिक इमारत पीपीपी यानि पब्लिक प्राईवेट पार्टनरशिप मोड से बनाने की योजना थी। इसमें पहली दो मंजिलें व्यापारियों को आवंटित की जातीं। कार,बाईक और ई-रिक्शा खड़े किए जाने पार्किंग की जगह निर्धारित होती। इसकी लागत 22 करोड़रुपए आंकी गई थी। नगर निगम ने बजट में प्रस्ताव पास होने के बाद फिजिबिलिटी रिपोर्ट के साथ टेंडर तक जारी कर दिया था।

2 मंत्री होते हुए कोई नहीं उठा पाया आवाज

शहर में राज्य सरकार के 2 पॉवर फुल मंत्री विद्यमान हैं। इनमें से तरुण भनोट तो खुद ही वित्तमंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद पर हैं। सवाल यह है कि क्या उनके संज्ञान में यह प्रस्ताव लाया गया है। विकास के प्रति पूरी तरह से सकारात्मक सोच रखने वाले तरुण हों या लखन दोनों को इस मामले की जानकारी दी जाए तो शायद इस प्रोजेक्ट को अनुमति मिलना कोई बड़ी बात नहीं होगी। वह भी उस स्थिति में जबकि शासन का इसमें कोई पैसा भी नहीं लगना है।