20 करोड़ से होगा अन्नपूर्णा मंदिर का जीर्णोद्धार

20 करोड़ से होगा अन्नपूर्णा मंदिर का जीर्णोद्धार
अन्नपूर्णा मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए भूमिपूजन से पहले मंदिर की जानकारी देते हुए अतिथि।

 
PWD मंत्री सज्जनसिंह वर्मा और सांसद शंकर लालवानी की मौजूदगी में हुई कार्य की शुरुआत
वर्षों बाद शहर का सबसे पुराना प्रसिद्ध अन्नपूर्णा मंदिर का करीब 20 करोड़ की लागत से जीर्णोद्धार किया जा रहा है। बुधवार को महामंडलेश्वर स्वामी  विश्वेश्वरानंद गिरिजी के सान्निध्य में भूमिपूजन कर जीर्णोद्धार कार्य की शुरुआत की गई। पीडब्ल्यूडी मंत्री सज्जनसिंह वर्मा, सांसद शंकर लालवानी, पूर्व सांसद सुमित्रा महाजन, बीजेपी के नगर अध्यक्ष गोपी नेमा और शहर कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष विनय बाकलीवाल इस दौरान अतिथि के बतौर मौजूद रहे। 
शहर के पश्चिम क्षेत्र अन्नपूर्णा क्षेत्र में स्थित अन्नपूर्णा मंदिर शहर का सबसे पुराना मंदिर है। इस मंदिर को 9वीं शताब्दी में भारत और आर्य व द्रविड़ स्थापत्य शैली के मिश्रण से बनाया गया था। इस मंदिर की ऊंचाई 100 फीट से भी अधिक है। यह मंदिर, हिंदुओं की देवी अन्नपूर्णा को समर्पित है जिन्हें भोजन की देवी माना जाता है। मंदिर की अद्भुत स्थापत्य शैली, विश्व प्रसिद्ध मदुरै के मीनाक्षी मंदिर से प्रेरित लगती है। मंदिर का द्वार काफी भव्य है। चार बड़े हाथियों की मूर्ति द्वार पर सुसज्जित हैं। सालों बाद इस मंदिर का नवनिर्माण किया जाएगा। 
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच नीना- विनोद अग्रवाल ने भूमिपूजन की विधि संपन्न की। अतिथियों ने जेसीबी का पूजन और गैंती चलाकर नवनिर्माण कार्य का शुभारंभ किया। मंत्री  वर्मा ने प्रदेश सरकार की ओर से मंदिर के नवनिर्माण में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। अन्य अतिथियों ने भी अन्नपूर्णा मंदिर को जनता की आस्था का केंद्र बताते हुए जीर्णोद्धार में अपनी ओर से पूरी मदद का भरोसा दिलाया। महामंडलेश्वर स्वामी विश्वेश्वरानंद गिरी ने मंदिर के नवनिर्माण को लेकर एक समिति के गठन का भी ऐलान किया। इसमें विनोद अग्रवाल अध्यक्ष, दिनेश मित्तल उपाध्यक्ष, सुनील गुप्ता महामंत्री और श्याम सिंघल कोषाध्यक्ष बनाए गए हैं। 7 फरवरी को मन्दिर स्थल पर शिला पूजन समारोह आयोजित किया जाएगा। 9 यजमान विधि-विधान के साथ शिला पूजन कर मन्दिर के गभर्गृह के निर्माण कार्य का शुभारंभ करेंगे। नवनिर्माण में मकराना मार्बल का उपयोग किया जाएगा।