‘मोदी है तो मुमकिन है’ के नारे से अमेरिका को भी उम्मीद

‘मोदी है तो मुमकिन है’ के नारे से अमेरिका को भी उम्मीद

वाशिंगटन। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने अपनी महत्वपूर्ण प्रस्तावित भारत यात्रा से कुछ दिन पहले ‘मोदी है तो मुमकिन है’ के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के चुनावी नारे को दोनों देशों के बीच नयी संभावनाओं के संदर्भ में भी प्रासंगिक मानते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व क्षमता में विश्वास जताया है। अमेरिका-भारत व्यापार परिषद की बैठक में बुधवार को श्री पोम्पियो ने कहा कि अमेरिका चुनाव के बाद फिर से सत्ता में आयी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) नीत भाजपा की सरकार के साथ बातचीत जारी रखेगा। उन्होंने कहा,‘‘हम भारत सरकार के साथ उन मुद्दों पर बातचीत जारी रखेंगे जिन्हें उसने अपने लागों ,दोनों देशों के संबंधों और पूरे विश्व के संदर्भ में रखे हैं। देखना होगा कि ‘मोदी है तो मुमकिन है’ के नारे को श्री मोदी कैसे संभव बनाते हैं। मैं यह देखना चाहता हूं कि श्री मोदी दोनों देशों के बीच इसे कैसे संभव करते है।’’ उन्होंने कहा,‘‘ मैं इस महीने होने वाली अपनी भारत यात्रा के दौरान श्री मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर से मिलने को लेकर काफी उत्साहित हूं।’’ उन्होंने श्री मोदी की प्रशांसा करते हुए कहा कि वह एक नये तरह के नेतृत्व का प्रतिनिधित्व करते है। उन्होंने कहा,‘‘ कई पर्यवेक्षक भारत के आम चुनाव के नतीजे से चकित थे लेकिन मैं नहीं। मैंने अपनी टीम के साथ नजदीक से निगरानी की थी। हम जानते थे कि प्रधानमंत्री एक नये प्रकार के नेता हैं। वह एक चाय बेचने वाले के पुत्र हैं जिन्होंने अपनी तरह से काम किया। उन्होंने 13 साल तक एक राज्य में शासन किया और अब सही मायने में विश्व में उभरते शक्तिशाली देशों में से एक का नेतृत्व कर रहे हैं।’’ उन्होंने श्री जयशंकर की प्रशंसा करते हुए कहा,‘‘ मुझे मालूम है कि मेरे पास एक मजबूत साथी है।’’