इंदौर से आए एनएसए कैदी जावेद के मेडिकल से भागने के बाद जिम्मेदारों व आमजनों के हाथ-पैर फूले, 38 रिपोर्ट्स आईं निगेटिव

इंदौर से आए एनएसए कैदी जावेद के मेडिकल से भागने के बाद जिम्मेदारों व आमजनों के हाथ-पैर फूले, 38 रिपोर्ट्स आईं निगेटिव

जबलपुर ।  इंदौर के एनएसए कैदी जावेद खान के रविवार को मेडिकल कॉलेज अस्पताल से भागने की खबर के बाद न सिर्फ जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों बल्कि आमजनों के हाथ-पैर भी फूल गए हैं। हर किसी को चिंता यह सता रही है कि संक्रमित कैदी न जाने किस ओर भागा है और कितनों को अपनी चपेट में लेकर संक्रमित करेगा। देर रात तक उसके पकड़े जाने की खबरें लगातार सोशल मीडिया पर वायरल होती रहीं लेकिन कलेक्टर तथा एसपी ने इसे सिरे से खारिज किया है। उधर रविवार को 60 सैम्पल परीक्षण के लिए आईसीएमआर भेजे गए थे, उनमें से 38 की रिपोर्ट्स निगेटिव आईं हैं, जबकि 4 रिपोर्ट्स होल्ड की गईं हैं। कोरोना संक्रमण की संकट की इस घड़ी में हर किसी की नजर सैम्पल की रिपोर्ट्स पर है और निगेटिव आने पर राहत तथा पॉजिटिव आने पर चिंता का माहौल बन रहा है। इसके बीच शाम को इंदौर से जबलपुर भेजे गए एनएसए के कैदी जावेद खान के फरार होने की घटना ने तो सभी का एक तरह से चैन छीन लिया है। घटना के फौरन बाद कलेक्टर भरत यादव, एसपी अमित सिंह समेत पुलिस तथा प्रशासन का पूरा अमला मेडिकल पहुंच गया तथा जावेद की तलाश को लेकर हर स्तर पर पड़ताल चल रही है। कलेक्टर ने बताया कि मामले में प्रथम दृष्टया ड्यूटीरत पुलिस कर्मियों की गलती पाई गई है, ड्यूटीरत 4 पुलिस कर्मियों आरक्षक सूरज शर्मा, मुकेश कुमार, राहुल देवड़ा तथा अखिलेश को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। मामले की विस्तृत जांच के निर्देश एडीएम हर्ष दीक्षित को दिए हैं।

शिफ्टिंग के दौरान हुआ फरार

एसपी अमित सिंह ने बताया कि दोपहर ढाई से तीन बजे के बीच मेडिकल कॉलेज अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग से कोरोना पॉजिटिव पाए गए सभी मरीजों को सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में शिफ्टिं किया जा रहा था, शिफ्टिंग की इस आपाधापी के बीच एनएसए कैदी जावेद बाथरूम के दरवाजे से भागने में सफल हो गया। जावेद की निगरानी के लिए पुलिस कर्मी तैनात थे लेकिन उन्हें भी इस बात की भनक नहीं लग पाई। जैसे ही जावेद के लापता होने की खबर सामने आई मेडिकल सहित समूचे प्रशासनिक हल्के में हड़कंप मच गया।

अफवाहबाज सक्रिय

संकट की इस घड़ी में जहां चारों तरफ चिंता का माहौल है वहीं शरारती तत्व अफवाह फैलाने के लिए सक्रिय हैं, शाम को जिस समय जावेद के फरार होने की खबरे वायरल हो रहीं थी तभी एक मैसेज जैन समुदाय के दो लोगों के और पाजिटिव आने का सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ। सीएमएचओ डॉ. मनीष मिश्रा ने स्पष्ट किया कि रविवार को कोई भी रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आई है। जिन 4 रिपोर्ट्स को होल्ड किया गया है, उनमें कोई भी जैन परिवार के नहीं हैं। जिला प्रशासन ने अफवाहबाजों से सावधान रहने तथा शरारती तत्वों का नाम सामने आने पर एफआईआर कराने की चेतावनी भी दी है।

8 अप्रैल को इंदौर से लाया गया था एनएसए कैदी

जानकारी के मुताबिक इंदौर के टाट पट्टी बाखल इलाके में किए गए पथराव में एनएसए के 4 आरोपियों को 8 अप्रैल को जबलपुर लाया गया था, इनमें टाट पट्टी बाखल निवासी मोहम्मद मुस्तफा, मोहम्मद गुलरेज तथा चंद्रनगर रोड निवासी सलीम उर्फ सल्लू तथा मोहम्मद जावेद खान शामिल हैं। इन्हें जेल दाखिले के उपरांत स्वास्थ्य परीक्षण के लिए विक्टोरिया हॉस्पिटल भेजा गया और 11 अप्रैल को रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद जावेद खान को मेडिकल के आइसोलेशन वार्ड में शिμट कर दिया गया। तीन अन्य मुस्तफा, गुलरेज तथा सल्लू विक्टोरिया अस्पताल में आइसोलेटेड हैं।

50 हजार रुपए का इनाम घोषित

एसपी श्री सिंह ने जावेद का पता लगाने के लिए सोशल मीडिया पर इश्तेहार तथा पोस्टर जारी कर दिए हैं। उसकी गिरμतारी पर एसपी ने पहले 10 हजार, फिर आईजी ने 25 हजार और अंत में डीजीपी ने 50 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया है। मेडिकल में लगे सीसी कैमरे की फुटेज भी तलाशा जा रहा है। इन पंक्तियों के लिखे जाने तक कोई सुराग हाथ नहीं लग पाया था। एसपी का कहना है कि मेडिकल का परिसर बहुत बड़ा है, सैंकड़ों कमरे हैं तथा इसी से लगे हुए हॉस्टल भी हैं। यहां भी पुलिस लगातार पड़ताल कर रही है। शहर के भीतर तथा बाहरी रास्तों एवं बाहरी चैकपोस्ट पर पिकेट्स बनाकर तलाशी अभियान जारी है। गढ़ा समेत आसपास के कई इलाकों में पुलिस वैन के जरिए मुनादी करते हुए भी लोगों को जावेद के लिए सचेत किया गया है।

कोरोना से नहीं अन्य बीमारी से हुई मौत

गढ़ाफाटक निवासी 59 वर्षीय सुरेन्द्र मिश्रा को इलाज के लिए मेडिकल अस्पताल ले जाया गया था जहां दोपहर में उनकी मौत हो गई, सुरेन्द्र की मौत के बाद उनके शव को प्रोटोकाल बताते हुए परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया था, इसके पूर्व सुरेन्द्र का कोरोना परीक्षण के लिए सैम्पल भी लिया गया था, कलेक्टर के मुताबिक सुरेन्द्र का सैम्पल की शाम को रिपोर्ट निगेटिव आई, इससे यह स्पष्ट हो गया कि उनकी मौत कोरोना से नहीं हुई थी, सुरेन्द्र कई अन्य बीमारियों से गंभीर रूप से पीड़ित थे।

कंटेनमेंट एरिया में मिले 1268 हाई रिस्क वाले

कलेक्टर के अनुसार सार्थक एप बेस्ड सर्वे के तहत 16 सौ परिवारों की सम्पूर्ण जानकारी जुटाकर भोपाल भेजी गई थी। एनालिसिस के उपरांत 1268 हाईरिस्क वाले नाम सामने आए हैं, इनमें सराफा, कोतवाली तथा विजय नगर कंटेंमेट क्षेत्र के लोग शामिल हैं। इन सभी का स्वास्थ्य परीक्षण तथा सैम्पलिंग की कार्रवाई शुरू कर दी गई है, इनमें जो लोग होम क्वारेंटाइन वाले होंगे, वो घर पर ही रहेंगे जबकि जिनके यहां यह स्थिति नहीं होगी, उन्हें संस्थागत क्वारेंटाइन किया जाएगा। विजय नगर क्षेत्र के करीब 45 घरों का सर्वे भी करा लिया गया है और यहां से पॉजिटिव मिली नुसरत परवीन के परिजनों को भी क्वारेंटाइन कर दिया गया है।