38 साल बाद आईसीएसआई सीएस स्टूडेंट्स को पेपर के बीच गैप

38 साल बाद आईसीएसआई सीएस स्टूडेंट्स को पेपर के बीच गैप

आईएम भोपाल। 1981 में कंपनी सेक्रेटरीज का पहला एग्जाम हुआ था। तब से लेकर अब तक यानी 38 साल तक सीएस एग्जीक्यूटिव व प्रोफेशनल की परीक्षाएं बिना किसी गैप के होती थीं। हजारों सीएस इसी तरह बैक-टू-बैक पेपर देते आए लेकिन दिसंबर-2019 से एक बड़ा बदलाव स्टूडेंट्स को मिले जा रहा है। पहली बार सीएस एग्जीक्यूटिव व सीएस प्रोफेशनल दोनों परीक्षाओं के बीच पेपर में एक-एक दिन का गैप मिलेगा। स्टूडेंट्स को तनावपूर्ण व थका देने वाले परीक्षा शेड्यूल से राहत मिलेगी। देश भर से ऐसी मांग द इंस्टीट्यूट आॅफ कंपनी सेक्रेटरीज (आईसीएसआई)के पास लंबे समय से पहुंच रही थी। हाल ही में दिल्ली में हुई एक मीटिंग में काउंसिल ने यह निर्णय लिया, जिससे देशभर के स्टूडेंट्स ने राहत की सांस ली है।

तनाव व थकान भरे शेड्यूल से मिलेगी राहत

आईसीएसआई भोपाल चेप्टर के चेयरमैन सीएस योगेश खाकरे कहते हैं, आईसीएसआई के इतिहास में यह पहली बार होगा, जब परीक्षा में एक व दो दिन का गैप मिलेगा। 1981 से लेकर अभी तक पास होकर निकले छात्रों को कभी कोई गैप नहीं दिया गया। कंपनी सेक्रेटरी का कोर्स जितना मुश्किल होता है, उतना ही तनावपूर्ण होता है इसकी परीक्षाओं का शेड्यूल। सीएस एग्जीक्यूटिव के छात्रों को नौ दिनों में आठ पेपर्स देने होते हैं और प्रोफेशनल के छात्रों को दस दिन में नौ पेपर देने होते हैं। यदि कोई छात्र दो ग्रुप की परीक्षा एक साथ दे, तो उसके लिए यह शेड्यूल बहुत ही तनाव भरा होता है। अभी एग्जीक्यूटिव के दो ग्रुप के चार-चार विषयों की परीक्षा लगातार होती थी सिर्फ दोनों मॉड्यूल के बीच एक दिन का गैप मिलता था।

किसे मिलेगा फायदा...

सीएस एग्जीक्यूटिव के दोनों ग्रुप की परीक्षा एक साथ देने वालों को यह फायदा नहीं मिलेगा। यह फायदा उन स्टूडेंट्स को मिलेगा जो कि एक बार में ग्रुप-1 की परीक्षा यानी चार पेपर देंगे। फिर छह माह बाद ग्रुप-2 की परीक्षा के चार पेपर देंगे। इस स्टूडेंट्स को एक दिन का गैप हर पेपर में मिल जाएगा। इसी तरह सीएस प्रोफेशनल में ग्रुप-1, ग्रुप-2 और ग्रुप-3 होते हैं। यदि ग्रुप-1 का पेपर दिया तो एक दिन की गैप लेकिन दो ग्रुप एक साथ देना चाहें तो गैप के लिए ग्रुप-1 और ग्रुप-3 का कॉम्बिनेशन बनाना होगा।