22 कविताओं के जरिए एक बेटी ने किए पिता से सवाल,दिखा दर्द

22 कविताओं के जरिए एक बेटी ने किए पिता से सवाल,दिखा दर्द

I Am Bhopal । शहीद भवन में नाटक बेटी के सवाल का मंचन रविवार को किया गया। नाटक की परिकल्पना व निर्देशन केजी त्रिवेदी ने किया। यह नाटक बालमन को समझने और उसकी जिज्ञासाओं को दूर करने का संदेश देता है। इसमें 22 कविताओं में बेटी का दर्द दिखा। एक ओर मां के देहावसान की सूचना पर उसकी यादों परत दर परत समाने आने लगती है। इन कविताओं में प्रकृति प्रेम स्पष्ट झलकता है। जिसमें पर्यावरण, नदी, जड़ी-बूटियां, मूर्ति, विसर्जन जैसे विषयों को कविता में पिरोते हुए लोगों के समक्ष सवाल उठाए। नाटक के जरिए प्रकृति को लेकर चिंता व्यक्त की गई। नाटक की शुरूआत एक ऐसी लड़की से होती है, जो पिता से कहती है कि मुझे होमवर्क में अंतिम यात्रा का वर्णन लिखना है। पिता बताता है कि मेरी मां की मौत की सूचना मुझे भोपाल में तीन दिन बाद मिली, मै मां की मौत पर नहीं उसकी सूचना पर रोया। वहीं दिखाया कि पिता अपनी बेटी को हर कष्ट से दूर रखकर बेहतर परवरिश करना चाहता है। वह खुद गुजर चुकी पत्नी की यादों में खोया रहता है।