99 गलती माफ है, आखिरी गलती में सरकार गिरा देंगे

99 गलती माफ है, आखिरी गलती में सरकार गिरा देंगे

इंदौर ।    महाभारत में शिशुपाल और श्रीकृष्ण का प्रसंग काफी चर्चित रहा है। श्रीकृष्ण ने शिशुपाल की माता को वचन दिया था कि वे शिशुपाल की 100 गलतियां माफ करेंगे, लेकिन 100 गलतियों के बाद उसे उचित सजा भी अवश्य देंगे। इसी का उदाहण देते हुए विजयवर्गीय ने तंज कसते हुए कहा कि अभी हम सरकार नहीं गिराएंगे। कमलनाथ सरकार की 99 गलतियां माफ हैं। इसके बाद की गलती से कमलनाथ को सड़कनाथ बना देंगे। वे मंगलवार को किसान आक्रोश रैली के दौरान लोगों को संबोधित कर रहे थे।

सरकार बनाने के लिए बुला रहे दिग्गी और पचौरी

किसान आक्रोश रैली की शुरुआत करते हुए भाजपा के राष्टÑीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि एमपी के सीएम कमलनाथ ने अपनों को ही डस लिया, सबको खत्म करन अपने बेटे नकुलनाथ को खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह और सुरेश पचौरी मुझे मध्यप्रदेश में सरकार बनाने के लिए बुला रहे थे। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि कमलनाथ के सभी ओएसडी के पास पैसा गिनने के लिए मशीन है। पिछले दिनों में जितने तबादले मध्यप्रदेश में हुए हैं, उतने देश में कही नहीं हुए। उन्होंने कहा कि पुलिस के अधिकारी ने मुझसे कहा कि 25 लाख रुपए भी ले लिए और ट्रांसफर भी नहीं किया।

रैली में लगे बंगाल की सीएम के विवादित पोस्टर पुलिस ने ढंकवाया ममता बनर्जी का चेहरा

किसान आक्रोश रैली में पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के विवादित पोस्टर भी नजर आए। स्वागत मंच पर भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय का एक पोस्टर लगा था। इसमें उन्हें चीते को गोद में उठाए दिखाया गया। चीते के चेहरे की जगह पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का चेहरा था। पुलिस की आपत्ति के बाद पोस्टर में लगे ममता बनर्जी के चेहरे को ढांका गया। ज्ञात हो कि लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में भाजपा को 18 सीट पर विजय मिली है। पार्टी ने पश्चिम बंगाल का प्रभार कैलाश विजयवर्गीय को सौंपा था। चुनाव परिणाम के बाद मंगलवार को कैलाश पहली बार इंदौर पहुंचे थे।

रैली के कारण ट्रैफिक व्यवस्था हुई ध्वस्त

धानसभा चुनाव में पराजित होने के बाद विपक्ष में आई भाजपा ने किसानों की कर्जमाफी को मुद्दा बनाकर पहला बड़ा आंदोलन किसान आक्रोश रैली निकालकर किया। इंदौर में आयोजित इस रैली में इंदौर जिले के किसानों के साथ-साथ नेता और कार्यकर्ता भी शामिल हुए। सुबह से ही रैली स्थल राजमोहल्ला चौराहे पर शहर और ग्रामीण क्षेत्र के नेता और किसानों की आवाजाही शुरू हो चुकी थी। रैली के स्वागत के लिए राजमोहल्ला से लेकर कलेक्टोरेट तक सैकड़ों स्वागत मंच लगाए गए थे। रैली के कारण टैफिक व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई और कई जगह जाम की स्थिति बनी। करीब साढ़े चार बजे रैली कलेक्टर कार्यालय पहुंची और अपर कलेक्टर को ज्ञापन दिया।