नया बाजार के 65 दुकानदारों को आज दिए जाएंगे नोटिस

नया बाजार के 65 दुकानदारों को आज दिए जाएंगे नोटिस

जबलपुर। मालवीय चौक से लेकर सुपर मार्केट तक की रोड मेंदाहिनी ओर बने नया बाजार से नगर निगम को कंपाउडिंग शुल्क के रूप में 39 करोड़ रुपए वसूलने हैं। सालों से चल रही इस कवायद में कभी मामला कोर्ट में ले जाने कभी उच्च स्तरीय दबाव डलवाने से ननि यह राशि वसूल नहीं कर पा रहा था,मगर अब गत दिवस हुए पीएस के प्रवास व उनके द्वारा दिए गए फ्री हैंड के बाद नगर निगम एक्शन मोड में आ चुका है। सभी 65 दुकानदारों के नाम पर नोटिस तैयार हो चुके हैं जिन्हें शुक्रवार को तामील करवा लिया जाएगा। निगमायुक्त आशीष कुमार ने बताया कि हम हर हाल में अपना पैसा वसूल करेंगे। इसके लिए कुछ दुकानदार जो स्टे की बात कहते हैं उनके दस्तावेजों का बारीकी से अध्ययन किया जा रहा है। इसके लिए हमने पृथक वकील नियुक्त किया है। बाकी दुकानदारों को हम अंतिम नोटिस दे रहे हैं। इसके बाद राशि सख्ती से वसूल की जाएगी। क्या है मामला दरअसल आजादी मिलने के बाद सिंध व पाकिस्तान से आने वाले विस्थापितों को यहां की सरकार ने जीवन यापन करने के लिए नया बाजार में दुकानों के लिए जगहलीज पर दी थी। कालांतर में यहां पर इन सभी दुकानदारों ने अपनी-अपनी दुकानें दूसरे व्यवसायियों को बेच दीं। लीज अवधि समाप्त होने पर इसे पुन: बढ़ाया गया है। जिसके बाद यहां के दुकानदारों ने अपनी दुकानें तय सीमा से बढ़ा लीं और दो मंजिला से लेकर तीन मंजिला तक आकार कर लिया। 2012 में हुई थी नापजोख नगर निगम ने 2012 में इन दुकानों का नाप जोख किया और कलेक्टर गाइड लाइन के हिसाब से सभी दुकानदारों को अलग- अलग नोटिस दिए। इसके बाद दुकानदार कोर्ट चले गए। जहां से नगर निगम को स्वतंत्रता दे दी गई कि वे अपनी राशि वसूल सकते हैं। इसके बाद तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष विनय सक्सेना ने इस मामले की शिकायत लोकायुक्त में कर दी। लोकायुक्त ने प्रकरण की सभी फाइलें भोपाल मंगवा लीं। हालाकि बाद में लोकायुक्त ने भी राज्य शासन की अनुशंसा से नगर निगम को अपनी राशि वसूलने के लिए स्वतंत्र कर दिया।

तो तोड़ दो दुकानें

विगत दिवस निरीक्षण पर आए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव संजय दुबे ने जब निरीक्षण के दौरान नया बाजार की दुकानों की जानकारी ली तो उन्होंने साफ कहा कि अंतिम नोटिस दो और यदि टैक्स न चुकाया जाए तो सभी दुकानें तोड़ दो। बड़े अधिकारी के फ्री हैंड के बाद नगर निगम ने अब कड़ाई बरती है।

दर्जनों बुल्डोजर खड़े करवाए थे

तत्कालीन निगमायुक्त वेदप्रकाश ने यहां राशि की वसूली के लिए दर्जनों की संख्या में जेसीबी खड़ी करवा दीं जो कि करीब 3 से 4 दिन तक इन 65 दुकानों के सामने खड़ी रहीं। इससे दुकानदारों पर दवाब भी पड़ा और कुछ दुकानदारों ने कुछ राशि जमा भी की। बाकी के लिए समय लिया। इसके बाद फिर ननि का रवैया ढीला हो गया और यह राशि नहीं वसूली जा सकी।