ज्यादा मजदूरी का प्रलोभन देकर 30 मजदूरों को तमिलनाडु में बनाया बंधक

ज्यादा मजदूरी का प्रलोभन देकर 30 मजदूरों को तमिलनाडु में बनाया बंधक

जबलपुर/मंडला । जिले में मानव तस्करी के मामले लगातार प्रकाश में आ रहे हैं, जहां ज्यादा मजदूरी का प्रलोभन देकर श्रमिकों को बाहर ले जाया जाता है और फिर उन्हें पारिश्रमिक न देकर उनका शोषण किया जाता है। ऐसा ही एक मामला और प्रकाश में आया है, जिसमें स्थानीय ठेकेदार द्वारा 30 मजदूरों को तमिलनाडु में 12 हजार रु. पुरुष श्रमिक एवं 10 हजार रु. महिला श्रमिक को देने का प्रलोभन देकर ले जाया गया था।

पारिश्रमिक मांगने पर किया जाता था प्रताड़ित

ये सभी श्रमिक मोती नाला के आसपास के गांवों से ले जाए गए थे। इन मजदूरों ने प्रताड़ित होने के बाद फोन द्वारा अपने रिश्तेदारों को सूचना दी। जिस पर उन्होंने मोती नाला पुलिस से संपर्क किया तो पता लगा कि, रोजगार दिलाने के नाम पर सुरेश धुर्वे एवं किशोर द्वारा इन महिला एवं पुरुष श्रमिकों को पहले तमिलनाडु एवं सेलम में टायर निर्माता कंपनी में ले जाया गया, इसके बाद विजयवाड़ा व चेन्नई में अलग-अलग स्थानों पर काम पर लगाया गया। कुछ श्रमिकों को पोल्ट्री फॉर्म में काम पर लगाया गया, जहां दिन भर मजदूरी करने के बाद इन्हें मुर्गियों की गंदगी साफ करने और अंडे बीनने का काम दिया जाता था। इन श्रमिकों को भोजन एवं रहने का स्थान देने का भी वादा किया गया था, लेकिन वहां जाने के बाद इन्हें कोई भी सुविधा नहीं दी गई। इन्हें पारिश्रमिक भी नहीं दिया गया, मांगने पर प्रताड़ित भी किया जाता था।

स्थानीय ठेकेदार के विरुद्ध होगी कार्रवाई: एसपी

पुलिस अधीक्षक मंडला, दीपक शुक्ला ने बताया कि, इनमें से 8 श्रमिकों को तमिलनाडु से पुलिस भेज कर मुक्त कराया गया है और स्थानीय ठेकेदार के मिलते ही मामले की जांच कराकर, यदि इन्हें पारिश्रमिक नहीं मिला है तो वह दिलवाया जाएगा एवं विधिवत कार्यवाही की जाएगी। इन श्रमिकों को अलग- अलग शहरों में विभिन्न कंपनियों में काम पर लगाया गया है। अत: जैसे ही अन्य श्रमिकों की लोकेशन मिलेगी तो उन्हें भी मुक्त कराया जाएगा।