मोदी सरकार के अफसरों के कुनबे में हैं मप्र कैडर के 25 आईएएस अधिकारी

मोदी सरकार के अफसरों के कुनबे में हैं मप्र कैडर के 25 आईएएस अधिकारी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में देश के उत्तर पूर्वी राज्यों के कैडरों से ताल्लुक रखने वाले भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारियों का बोलबाला है। इनमें असम और मेघालय कैडर शामिल हैं, जिनसे जुड़े अधिकारी राजधानी नई दिल्ली में मोदी सरकार के प्रशासनिक दμतरों में शीर्ष पदों पर तैनात हैं। ऐसा तब हुआ है, जब देश के उत्तर पूर्वी राज्य आमतौर पर राष्ट्रीय स्तर की राजनीति और शासन-प्रशासन व्यवस्था जैसी चीजों में अधिक नहीं रहते। ताजा मामले में एक जुलाई, 2019 तक भारत सरकार के आंकड़ों के अनुसार 33 अधिकारी असम और मेघालय कैडर से, 27 यूपी कैडर से, 25 मध्य प्रदेश कैडर से, 22 बिहार कैडर से और 24 केरल कैडर से हैं। ये बातें सूचना के अधिकार (आरटीआई) के जरिए सामने आई हैं। डिपार्टमेंट आॅफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग (डीओपीटी) के मुताबिक, केंद्र सरकार में ज्वॉइंट सेक्रेटरी और उससे ऊपर की रैंक के कुल 370 आईएएस अधिकारियों में 33 असम और मेघालय कैडर से हैं।

यूपी कैडर के 27 तो बिहार कैडर के 22 अधिकारी हैं केंद्र सरकार में पदस्थ

सेंट्रल डेप्यूटेशन रिजर्व (सीडीआर) यह बताता है कि आखिर किस सीमा तक सरकार डेप्यूटेशन के लिए अधिकारियों को भेज सकती है। ज्वॉइंट सेक्रेटरी, एडिशनल सेक्रेटरी और सेक्रेटरी के स्तर पर केंद्र सरकार में यूपी कैडर से कुल 27 अधिकारी कार्यरत हैं। वहीं, 74 अधिकारियों के सीडीआर होने के बाद भी ज्वॉइंट सेक्रेटरी रैंक में मौजूदा समय में बिहार कैडर से 22 अधिकारी हैं। वहीं छोटा सीडीआर और आकार होने के बाद भी मणिपुर, त्रिपुरा, नागालैंड और सिक्किम कैडर से भी क्रमश: 10, 11, आठ और चार अधिकारी केंद्र सरकार में ज्वॉइंट सेक्रेटरी रैंक पर हैं।

मिलती रही हैं ऐसी हवाएं

दिल्ली स्थित केंद्र सरकार के विभागों में शीर्ष पदों पर शुरू से ही यूपी, बिहार और गुजरात कैडर के अधिकारियों का दबदबा रहा है। इस धारणा को ऐसे भी हवा मिलती है कि यूपी देश का सबसे बड़ा सूबा है और वहां पर भाजपा की अच्छी-खासी पकड़ है। वहीं, कहा जाता है कि बिहार से नाता रखने वाले मोदी सरकार में अहम पदों पर मंत्री आसीन हैं, जबकि मान्यता है कि गुजरात खुद पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का गृह राज्य है, इसलिए वहां के कैडर के अधिकारी अधिक चुने जाते हैं।

मोदी सरकार के 89 सचिवों में सिर्फ एक एससी और तीन एसटी, एक भी ओबीसी नहीं

वर्तमान में भारत सरकार के 89 सचिवों में से सिर्फ एक सचिव अनुसूचित जाति (एससी) और तीन सचिव अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग से हैं। इन 89 सचिवों में से एक भी अफसर अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से नहीं है। पिछले महीने 10 जुलाई को तृणमूल कांग्रेस के सांसद दिब्येंदू अधिकारी द्वारा पूछे गए सवाल पर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने ये जानकारी दी। इस सूची में शामिल ज्यादातर सचिव भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) से हैं। केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक एससी, एसटी और ओबीसी समुदाय के लोगों का प्रतिनिधित्व अतिरिक्त सचिव, संयुक्त सचिव, निदेशक स्तर पर भी कम है।