रायसेन के खंडेरा में घूमा करते थे, अब 39 साल बाद भोपाल आया हूं

रायसेन के खंडेरा में घूमा करते थे, अब 39 साल बाद भोपाल आया हूं
रायसेन के खंडेरा में घूमा करते थे, अब 39 साल बाद भोपाल आया हूं
रायसेन के खंडेरा में घूमा करते थे, अब 39 साल बाद भोपाल आया हूं
रायसेन के खंडेरा में घूमा करते थे, अब 39 साल बाद भोपाल आया हूं
रायसेन के खंडेरा में घूमा करते थे, अब 39 साल बाद भोपाल आया हूं
रायसेन के खंडेरा में घूमा करते थे, अब 39 साल बाद भोपाल आया हूं
रायसेन के खंडेरा में घूमा करते थे, अब 39 साल बाद भोपाल आया हूं
रायसेन के खंडेरा में घूमा करते थे, अब 39 साल बाद भोपाल आया हूं
रायसेन के खंडेरा में घूमा करते थे, अब 39 साल बाद भोपाल आया हूं

भोपाल। ‘भोपाल में भी रिश्तेदार हैं लेकिन इंदौर में ज्यादा हैं। मेरी और भाई- बहनों की पैदाइश इंदौर की है। हमारी मां मुंबई में कंसीव करती थीं, लेकिन हम डिलीवर इंदौर में होते थे (हंसते हुए)। हम बचपन में गर्मियों में छुट्टियों में पलासिया तक आते थे। जब मुंबई गए तो वहां से जीप से इंदौर तक आते थे। रायसेन के पास खंडेरा में अपने दोस्तों और परिवार के साथ घूमा करते थे। 39 साल पहले भोपाल आया था, और अब उसके बाद आया हूं।’ यह कहना था एक्टर सलमान खान का। इंदौर में होने जा रहे आईफा अवॉर्ड के एनाउंसमेंट के लिए भोपाल पहुंचे सलमान खान ने शहर से जुड़ीं अपने बचपन की यादें शेयर कीं।

सबको टिकट दूंगा तो कंगाल हो जाऊंगा-

यहां 6 पीढ़ियों की यादें हैं। अलवीरा की पैदाइश के दौरान मेरी मां 3 महीने इंदौर में रहीं थीं। सीएम सर शूटिंग में रियायत दे रहे हैं। इसके बाद यहां शूटिंग जरूर बढ़ जाएगी। जहां तक बात टिकट खरीदने की है तो मेरा खानदान तो बहुत बड़ा है टिकिट दूंगा तो मैं तो कंगाल हो जाउंगा। मध्यप्रदेश में जो कमाऊंगा, यहीं छोड़कर जाना पड़ेगा। भोपाल की सफाई पर सलमान बोले कि अगली बार जब आईफा यहां होगा, तब तक सड़कें संगमरमर जैसी होंगी।

परीक्षा में पास होने वाले दोस्त को पुलिया पर रोक लेते थे-

‘हम जब छोटे थे तो यहां पुलिया पर खड़े होते थे। जो भी दोस्त परीक्षा में पास होता था, उसे रोक लेते थे। इसके बाद वह 2 दिन बाद घर जा पाता था। सलमान ने पूछा कि क्या यह अभी भी होता है, तो वहां मौजूद लोगों ने शोर मचाकर हामी भरी। सलमान ने बचपन का एक और किस्सा शेयर किया- हम लोग खेत पर थे। मैं और अरबाज गेहूं के ढेर पर खेल रहे थे। तैशू (नेपाली हैं, इन्हें खान परिवार ने ही पाला है) की चप्पल, अरबाज ने पहनी थीं, गेहूं के ढेर में खो गई। सलमान और अरबाज ने एक जगह से दूसरी जगह गेहूं का ढेर कई बार रखा, लेकिन चप्पल आज तक नहीं मिली।’

इंशाल्लाह एक कार्यक्रम भोपाल में भी करेंगे-

‘क्या मेरी फैन फालोइंग कम हुई या भोपाल की आबादी। ऐसा लग रहा है कि भोपाल की आबादी काफी कम हो गई है। बहुत अर्से बाद भोपाल आया हूं।’ इसके बाद फैंस सलमान का नाम लेकर चिल्लाने लगे तो सलमान बोले- ‘हां, मैं सलमान हूं। आप सबको देखकर अच्छा लगता है। यहां पर आईफा लेकर आए हैं, आप सब आईफा अवॉर्ड्स को इंजॉय करेंगे। आईफा इंदौर में होगा। इंशाल्लाह एक कार्यक्रम भोपाल में भी करेंगे। काम करते रहें, पिक्चर्स देखते रहें और खुश रहें।’

जैकलिन ने कहा- भोपाल के लोग अच्छे-

अब आप लोग अच्छी वाली अंग्रेजी सुनेंगे। इस पर जैकलिन ने कहा- मैं क्या करूं सलमान। भोपाल के लोग बहुत अच्छे हैं। सलमान ने टोकते हुए कहा- भोपाल या भोपाली। जैकलिन ने कहा कि भोपाल और भोपाल के लोग, दोनों बहुत अच्छे हैं।