फर्जी दस्तावेज पर नौकरी हासिल करने वाले डॉक्टर्स पर गिरेगी गाज

फर्जी दस्तावेज पर नौकरी हासिल करने वाले डॉक्टर्स पर गिरेगी गाज

ग्वालियर गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय में फर्जी दस्तावेज के आधार पर नौकरी हासिल करने वाले चिकित्सक डॉ. रूप शर्मा का मामला सामने आने के बाद अब चिकित्सा शिक्षा विभाग ने अन्य चिकित्सकों की जांच कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए विभाग ने महाविद्यालय से चिकित्सकों के दस्तावेज मांगे हैं। जिसके चलते फर्जी दस्तावेज के आधार पर नौकरी हासिल करने वाले अन्य चिकित्सकों पर भी गाज गिर सकती है। गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय के पीडियाट्रिक विभाग में डॉ. रूप शर्मा की असिसटेंट प्रोफेसर के पद पर नियुक्ति सितम्बर 2018 में हुई थी। इसको लेकर अन्य आवेदक डॉ. सतेन्द्र राजपूत ने चिकित्सा शिक्षा विभाग को शिकायत दर्ज कराते हुए कहा था कि डॉ. शर्मा ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर नौकरी हासिल की है। इस पर चिकित्सा शिक्षा विभाग ने मामले की जांच कराई तो डॉ. शर्मा के दस्तावेज फर्जी निकले। इसको लेकर महाविद्यालय प्रबंधन ने चिकित्सक पर कार्रवाई करते हुए संबंधित चिकित्सक की नियुक्ति निरस्त कर दी है। वहीं डॉ. शर्मा का मामला सामने आने के बाद एक आरटीआई कार्यकार्ता ने वर्ष 2018 में हुईं नियुक्तियों की जांच एसआईटी से कराने की मांग की थी। इसी के चलते अब चिकित्सा शिक्षा विभाग ने वर्ष 2018 में हुई चिकित्सकों की नियुक्तियों की जांच के लिए दस्तावेज मांगे हैं। ऐसे में उन चिकित्सकों पर गाज गिर सकती है, जिन्होंने नौकरी हासिल करने के चक्कर में फर्जी दस्तावेज लगाए हैं। सूत्रों की माने तो महाविद्यालय में ऐसे अन्य चिकित्सक भी हैं, जिन्होंने निजी चिकित्सा महाविद्यालयों का सीनियर रेसीडेंट का फर्जी सर्टिफेट महाविद्यालय में लगाया है।

पद का किया दुरूपयोग

महाविद्यालय में ऐसे कई चिकित्सक हैं, जिन्होंने अपने पद का दुरूपयोग करते हुए अपने परिचितों या अपने बच्चों की नियुक्ति महाविद्यालय में कराई है। जिस कारण कई ऐसे उम्मीदवार जो पात्रता रखते थे, वह नौकरी से बंछित रह गए हैं। सूत्रों की माने तो विभाग द्वारा जांच के लिए मांगे गए रिकॉर्ड के बाद चिकित्सकों में भी हडकम्प मचा हुआ है और कई चिकित्सक अपनी नियुक्ति बचाने के चक्कर में सेटिंग करने में जुट गए हैं।