नारी शक्ति समर्पण और प्रगति की प्रतीक

नारी शक्ति समर्पण और प्रगति की प्रतीक

इंदौर।    नारी शक्ति विकास, समर्पण, सूझबूझ, अथक परिश्रम की द्योतक है। इंदौर जिले की स्व सहायता समूह की महिलाओं ने बीस साल में सफलता की इबारत लिखकर पूरे देश में संदेश फैलाया है। मैं इनकी विकासमयी सोच को नमन करता हूं। राष्टÑीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के मुख्य महाप्रबंधक एसके बंसल ने उक्त बात ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में मंगलवार को कही। वे प्रिय सखी महिला संघ के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महिलाओं को सम्मानित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश में करीब चालीस करोड़ लोगों से स्व सहायता समूह किसी न किसी तरह से जुड़े हैं। सरकार तीन फीसदी खरीदी इन समूहों से करेगी, ताकि इन्हें और प्रोत्साहन मिले। नर्मदा झाबुआ ग्रामीण बैंक के चेयरमैन विजय कुमार ने कहा कि बैंक से जुड़ी प्रिय सखी महिला संघ के महिलाओं का एनपीए जीरो होना इनकी समूह की शक्ति, समर्पण को प्रदर्शित करता है। अन्य प्रदेशों में प्रति समूह पर तीन लाख बकाया हैं, जबकि इस संवर्धन इकाई से जुड़े समूहों पर मात्र 60 हजार का औसत बकाया है, वह भी गैर एनपीए के। इंदौर की प्रगति एवं सफलता का इससे बेहतर उदाहरण और कहीं नहीं मिल सकता। इस सम्मान समारोह को लीड बैंक प्रमुख मुकेश भट्ट, नाबार्ड उपमहाप्रबंधक दीपक घोरपड़े, संजय शर्मा, नीलेश त्रिवेदी ने भी संबोधित किया। प्रारंभ में संघ की सचिव आरती कुशवाह ने 20 वर्ष में पांच महिलाओं से वर्तमान में 28 हजार महिलाओं के जुड़े होकर विकास की दिशा में कार्य सतत होने की रिपोर्ट पेश की। इस कार्यक्रम में सफल महिलाओं ने अपने मन की बात बताई। कुल 110 महिलाओं का अभिनंदन किया गया।