जहां जलसंकट, वहां तत्काल दें नलकूप खनन की अनुमति

जहां जलसंकट, वहां तत्काल दें नलकूप खनन की अनुमति

भोपाल। भोपाल जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में जलसंकट को देखते हुए कलेक्टर डॉ. सुदाम पी. खाडे ने नलकूप खनन पर प्रतिबंध लगाने वाले आदेश को लेकर यू-टर्न ले लिया है। ऐसा ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की समस्याओं को देखते हुए लिया गया है। उन्होंने एसडीएम हुजूर और बैरसिया को निर्देशित किया है कि जिस ग्राम में जलसंकट गहरा रहा है, वहां किसानों को तत्काल नलकूप खनन की अनुमति जारी करें। इस कार्य में विलंब न किया जाए। हालांकि कलेक्टर ने कहा कि इस कार्यवाही से पहले जलसंकट की जांच जरूर करा लें। यही नहीं, पुराने बोर के गहरीकरण कार्य की अनुमति भी दी जाए, इससे जलसंकट से ग्रमीण क्षेत्रों को राहत मिलेगी। उन्होंने यह आदेश भारतीय किसान यूनियन द्वारा जिले में जलसंकट की स्थिति बताते हुए किसानों को बोर उत्खनन व नलकूप के गहरीकरण पर लगी रोक हटाने की मांग के बाद दिया। इधर, कलेक्टर ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में पेजजल व्यवस्था के लिए प्लान बनाया जा रहा है, ताकि गर्मी के सीजन में ग्रामीणों को जलसंकट का सामना न करना पड़े। हालांकि उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में यह आदेश यथावत लागू रहेगा । गौरतलब है कि 5 फरवरी को कलेक्टर ने भोपाल जिले को जल अभावग्रस्त घोषित करते हुए नलकूप खनन पर प्रतिबंध लगा दिया था।

दिनभर दिया धरना, शाम को मिले कलेक्टर

कलेक्टोरेट में बुधवार को तीन दर्जन से अधिक किसानों ने भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में धरना दिया। किसान शाम 4 बजे तक मांगों को लेकर कलेक्टर से मिलने का इंतजार करते रहे। कलेक्टर ने शाम को किसानों से भेंट की। किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने बताया कि जिले में नलकूप खनन पर लगी रोक के कारण बोरिंग वाले नलकूप खनन करने से मना कर रहे है। इससे पीने के पानी की समस्या खड़ी हो रही है। इसके अलावा फसल भी सूख रही है।