आईएस का आखिरी ठिकाना भी ध्वस्त, ट्रकों में भरकर निकाले गए लोग

आईएस का आखिरी ठिकाना भी ध्वस्त, ट्रकों में भरकर निकाले गए लोग
आईएस का आखिरी ठिकाना भी ध्वस्त, ट्रकों में भरकर निकाले गए लोग

दमिश्क अमेरिका की अगुवाई वाली नाटो सेना ने पिछले चार सालों से दुनिया में आतंक का पर्याय बन चुके इस्लामिक स्टेट के अंतिम अड्डे सीरिया के बगौज को भी मुक्त करा लिया है। अमेरिका के नेतृत्व में नाटो की सेना ने सीरिया डेमोक्रेटिक फोर्स के साथ मिलकर इस कार्रवाई को अंजाम दिया और बड़े पैमाने पर आतंकवादियों को सरेंडर करवाया। सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेस (एसडीएफ) के सैन्य कमांडर अदनान अफरीन ने बताया कि सीरिया में आईएस के नियंत्रण वाले आखिरी गढ़ बगौज को आज 2,500 से ज्यादा लोगों ने छोड़ दिया। सेना ने नागरिकों को ट्रकों में भरकर वहां से मुक्त कराया। इसके साथ ही पिछले चार सालों से सीरिया और ईराक के कुछ इलाकों में फैला हुआ इस्लामिक स्टेट का आतंक खत्म हो गया। सेना ने करीब चालीस ट्रकों में आदमियों, औरतों और बच्चों को भरकर जगह खाली करवाई।

आतंकियों ने डर के कारण किया सरेंडर

आतंकियो में पूरी तरह से डर का माहौल था, इसलिए उन्होंने विरोध करने के बजाय सरेंडर कर दिया। इससे पहले नाटो की सेना ने इन पर दबाव बनाने के लिए हवाई हमले भी किए थे। सेना ने इराक के करीब बसे इस इलाके की करीब एक हμते से घेराबंदी कर रखी थी। इसके बावजूद सीरियाई सेना इन्हें निशाना नहीं बनाया, क्योंकि बहुत से आम नागरिक यहां फंसे हुए थे।

सीरिया में अभी 200 अमेरिकी सैनिक रहेंगे

2017 में मोसुल और रक्का में हारने के बाद इस्लामिक स्टेट के कब्जे में यह आखिरी गांव था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले साल दिसंबर में घोषणा की थी कि सीरिया से 2000 सैनिकों को वापस बुलाया जाएगा। राष्ट्रपति ट्रंप का कहना था कि इस्लामिक स्टेट को हराया जा चुका है। हालांकि, अभी भी अमेरिका सीरिया में करीब 200 सैनिकों को रखेगा।